pregnancy symptoms in Hindi || 12 गर्भावस्था के लक्षण हिंदी में 2019 Review

pregnancy symptoms in Hindi || 12 गर्भावस्था के लक्षण हिंदी में

pregnancy के दौरान महिला को कई चरणों से गुजरना पड़ता है महिला में शारीरिक बदलाव आने के साथ – साथ उसमे कई तरह के मानसिक बदलाव भी आते है अगर pregnancy symptoms in Hindi के पहले हफ्ते की बात करे तो महिला को अपनी pregnancy का पता भी नहीं चल पाता है |

ज्यादातर महिलाओ को pregnancy का पता नहीं चल पाता है पेरियड़ मिस होने के बाद लक्षण या अल्ट्रसाउंड की हेल्प से इसका पता चलता है कुछ महिलाओ को जानकर खुशी होती है तथा कुछ महिला जिन्हे pregnancy नहीं चाहिए उनके लिए ये समय बहुत कठिन हो जाता है आज हम आपको pregnancy के पहले सप्ताह में ही pregnancy सिम्पटम्स का पता लगा सकते है और अगर बच्चा चाहिए तो आप अपनी केयर कर सकते है |

pregnancy symptoms in Hindi

आपकी गर्भवस्ता का पहला सप्ताह आपकी पेरियडस के आखरी तरीक के अनुसार तय होता है कई लोग अंतिम पेरियडस को गर्भवस्ता का पहला हफ्ता मान लेते हे वैसे पहले हफ्ते में गर्भधारण नहीं होता है ओव्लुशन के 5 दिन बाद गर्भ रहने की सम्भावना ज्यादा रहती है इसका मतलब है की pregnancy दूसरे या तीसरे हफ्ते में होती हे लेकिन pregnancy के 40 हफ्तों में पहले हफ़्ते को भी गिना जाता है यानी पहले पेरियडस के अंतिम दिन से दूसरे पेरियडस तक गर्भधारण हुए 28 दिन मान लिए जाते है |

आम तोर पर गर्भधारण की प्रकिर्या में यही फार्मूला अपनाया जाता है महिला के शरीर में अंदरूनी तोर पर बहुत से बदलाव चल रहे होते है लेकिन इस दौरान शरीर के बाहर कोई बदलाव नहीं दिखता है pregnancy के शुरुआती लक्षण सभी महिलाओ में एक जैसे नहीं होते है एक गर्भवती को गर्भ ठहरने के जो लक्षण महसूस हुए है जरुरी नहीं दूसरे गर्भवती को भी वही लक्षण महसूस हो आज हम आपको कुछ ऐसे गर्भ ठहरने के लक्षण बता रहे है जो आम तोर पर गर्भवस्ता में देखे जाते है इनमे से अगर कोई भी लक्षण आप में दिख रहे है तो आप समझ लीजिये की आप माँ बनने वाली है |

pregnancy symptoms in Hindi || 12 गर्भावस्था के लक्षण हिंदी में

  1. पेरियडस देरी से होना :- आम तोर पर पेरियडस न आना तथा पेरियडस देरी से आना भी गर्भ ठहरने का लक्षण कहा जाता है ये जरुरी नहीं गर्भवस्ता से ही पेरियडस में देरी हो लेकिन फिर भी ज्यादातर महिलाओ में पेरियडस में देरी गर्भ ठहरने का लक्षण होता है 90 % महिलाओ में ये लक्षण दिखाई देते है तथा 10 % में दिखाई नहीं देते है |

2. ब्राउन डिस्चार्ज :- गर्भवस्ता शुरू होने से पहले सेक्स के बाद गर्भ ठहरने के लक्षण में हल्का देरी यानि स्पॉटिंग नजर आती हे जब स्पर्म महिला के अंडे के साथ मिलकर भरून बनता है तब वह करीब 1 से 2 हफ्ते में वह गर्भवती के गर्भवासये से जुड़ जाता है इससे गर्भवती को हल्की ब्लीडिंग होती है ये लक्षण गर्भ ठहरने के दूसरे हफ्ते से 4 हफ्ते के बीच दिखाई देता है अगर आपको गर्भ ठहरने का ये लक्षण दिखाई ना दे तो परेशान न हो हर गर्ववती महिला के साथ जरुरी नहीं है की ये लक्षण दिखाई दे लेकिन ज्यादातर मिहिलाओँ में यह लक्षण दिखाई देते है |

3. जी मचलना या उल्टी होना :- जी मचलना या जी घबराना pregnancy का लक्षण है डॉक्टर के अनुसार लगभग 65 % से 80 % गर्भवती महिलाये जी घबराने और उल्टी की समस्या से परिभावित होती है ये लक्षण pregnancy के 4 से 6 हफ्ते में नजर आता है इसका नाम मॉर्निंग सिकनेस है अब इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है की आप को ये समस्या सुबह के समय होगी मोरिंग सिकनेस दिनमे किसी समय हो सकती है किसी महिला को 3 महीने में जी घबराना या उल्टी की समस्या से छुटकारा मिल जाता है वही कुछ महिलाये पूरी गर्भवस्ता के दौरान इससे परेशान रहती है ये भी एक लक्षण महत्वपूर्ण है |

4. स्तनो में सूजन और दर्द होना :- ये भी एक लक्षण है गर्भवती को इस दौरान स्तनों में सूजन और दर्द तथा हविनेस, सवेदनशीलता महसूस होती है ये लक्षण गर्भवस्ता के 4 से 6 सप्ताह तक दिखाई देता है गर्भवस्ता के दौरान गर्भवती महिला के शरीर में प्रोजिस्ट्रोन और एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में बदलाव आने की वजह से स्तनो में दर्द आना आरम्भ होता है लेकिन घबराये नहीं आरामदायक ब्रा पहनने से स्तनो का दर्द कम हो जायेगा |

5. मूड में बदलाव आना :- अगर आपके मूड में बदलाव होते है जैसे अचानक बहुत खुश या बहुत उदास होना इन्हे मूड स्विंगस कहते है और ये प्रेग्नेंट होने के लक्षण है ये गर्भ ठहरने के 6 हफ्ते में दिखने लगता है गर्भवस्ता के शुरुआत में आपके शरीर में बड़े स्तर पर हार्मोन समबन्दित बदलाव होते है जिसे आप मूड स्वींग्स महसूस करने लगती है अगर आपको सर में दर्द हो रहा है तो ये भी गर्भवस्ता का लक्षण हो सकता है कई डॉक्टर इसे pregnancy का मुख्य लक्षण मानते है सिर में अचनाक से दर्द होने लग जाता है बहुत सिर के छोटे हिस्से में दर्द होता है तथा अचानक बदन दर्द होता है और बंद हो जाता है लेकिन सर दर्द के अन्य कारण भी हो सकते है लेकि ज्यादातर केस में इसे pregnancy के लक्षण ही कहे जाते है |

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6. थकान महसूस होना :- pregnancy के सूरत में ज्यादातर गर्भवती महिला बहुत थका हुआ महसूस करती है pregnancy के वक्त शरीर में होने वाले बदलाव और प्रोजिस्ट्रोन के स्तर बढ़ने से गर्भवती को थकान होना भी गर्भ ठहरने का लक्षण है ये गर्भवस्ता के 9 हफ्ते में नजर आता है गर्भवस्ता में आपका शरीर बच्चे और खुद को तैयार करने लगता है और ऐसे में शुगर या BP यानि ब्लड प्रेसर समस्या भी आपको थका सकती है गर्भवस्ता की शुरुआत और आखरी समय में गर्भवती जय्दा थका महसूस करती है |

7. पेट का बढ़ना :- गर्भवस्ता की शुरुआत में गर्भवती के शरीर में बड़ी मात्रा में हार्मोन बदलाव होने लगते है गर्भवती महिला के शरीर में प्रोजिस्ट्रोन का लेवल बढ़ने के कारण पाचनतंत्र धीमा हो जाता है और भोजन जमा होने की वजह से गर्भवती को पेट बढ़ता हुआ महसूस होता है ये प्रेगनेंसी के लक्षण है जो गर्भ ठहरने के 4 हफ्ते से 6 हफ़्ते तक नजर आता है अकसर गर्भवती इस बढ़ते पेट को अपने गर्भवासय में बच्चे का विकास होना मान लेती है जो की सही नहीं है |

8. शरीर का तापमान बढ़ना, ऐठन या मरोड़े आना :- अकसर पेरियडस के दौरान महिलाओ के शरीर का तापमान बढ़ जाता है अगर आपके पेरियडस में देरी होने के बाद कई दिनों तक यानि 10 से 18 दिन तक शरीर का तापमान ज्यादा महसूस हो तो ये pregnancy का लक्षण है उसी तरह पेट के निचे यानी नाभि के पास क्रेम्प्स या मरोड़े आने जैसा महसूस होना ये भी गर्भ ठहरने का एक लक्षण है |

9. निप्पल का रंग बदलना :- ब्रैस्ट के चारो तरफ गहरे भूरे या काले रंग का एक घेरा होता है गर्भवती होने पर गर्भवती महिला के सतन के इस हिस्से का रंग गहरा हो जाता हे ये प्रेगनेंसी होने का लक्षण है जो की गर्भ के 11 वे हफ्ते में दिखाई देता है लेकिन ये जरुरी नहीं की सभी गर्भवती महिला के निप्पल के इस भाग का रंग बदल जाये लेकिन ज्यादातर महिलाओ के साथ होता है और ये भी pregnancy होने का एक महत्वपूर्ण लक्षण है |

10. खाने में गंध आना :- अगर आपको किसी खास तरह का गंध अपने भोजन में आने लगती है और आप भोजन को नापसंद करने लगती है तो ये भी गर्भवस्ता के लक्षण है इस दौरान कुछ गर्भवती महिलाये मुँह के कड़वे स्वाद से परेशान रहती है वही कुछ महिलाओ को दूध, अंडे, चाय आदि के खुशबू से परेशानी होती है और वे ऐसे भोजन से बचना पसंद करती है आमतौर पर ये गर्भवस्ता की तिमाही महीने में ज्यादा दिखाई देता है ये भी गर्भवस्ता के लक्षण है |

11. कुछ अलग खाने की इच्छा होना :- गर्भवस्ता के दौरान कुछ खास खाने की इच्छा होने लगती है जैसे की इमली, कच्चा आम ,अमरुद, चॉकलेट, आइसक्रीम आदि खाने का मन हो सकता है ये लक्षण भी गर्भ ठहरने के 3 महीने बाद दिखाई देता है कुछ महिला के सरीर में आयरन और अन्य पोशाक तत्वों की कमी होने से वजह उन्हें मिटटी , कोयला खाने का मन करता है जिससे पिका सिंड्रोम कहते है | लेकिन गर्भवती को ऐसी चीज न खाने दे ये माँ और बच्चा दोनों के सेहत के लिए नुक्सानदायक है इसीलिए गर्भवस्ता के दौरान गर्भवती के आहार का विशेस ध्यान रखे अन्यथा गर्भवती महिला के सरीर में पोषक तत्वों और विटामिन्स की कमी हो सकती है |

12. हर महिला अलग होती है और उनके लक्षण भी अलग होते है किसी – किसी को बहुत जल्दी नजर आ जाते है तो किसी – किसी को पूरी pregnancy नार्मल रहता है हर किसी के शारीरिक पर्किर्या पर निर्भर है |

तो दोस्तों ये था हमारा ब्लॉग आपको कैसा लगा हमे कमेंट करके जरूर बातये हम आपके आने वाले सवस्त और सूंदर बच्चे की कामना करते है |

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समाप्त

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