thyroid in pregnancy || 15 कारण गर्भावस्था में थाइरोइड के बचाव || strollersindia

गर्भावस्था में थाइरोइड thyroid in pregnancy

स्वागत है हमारे ब्लॉग में इस ब्लॉग में हम जानेंगे की किस प्रकार thyroid गर्भवती माँ और उसके बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है गर्भावस्था एक बहुत ही ख़ुशहाल अवस्था है इसका पता चलते ही न केवल गर्भवती महिलाये बल्कि उसके पुरे परिवार के लोग ख़ुशी से झूम उठते है लेकिन प्रेगनेंसी अपने साथ साथ कुछ चिंताए भी लाती है ऐसी ही चिंता है thyroid in pregnancy की समस्या का हो जाना |

इस ब्लॉग में हम इसी समस्या के बारे में विस्तार से बात करेंगे जिसका फायदा गर्भवती महिलाये या गर्भवती होने की इच्छा रखने वाली महिलाये और उनके परिवार जन उठा सकते है लेकिन ये तभी सम्भव हो सकता है जब आप इस ब्लॉग को ध्यान से पढ़े और अंत तक पढ़े |

गर्भावस्ता के दौरान की गई जाँच का महत्व क्या है ? thyroid in pregnancy

गर्भावस्ता के दौरान यदि आपको thyroid की कमी की बिमारी पहले से है तो आपको ये सलाह दी जाती है की अपने thyroid की जाँच करवाकर उसको नार्मल कर के रखे thyroid की जांच सामान्य रहेगी तो गर्भावस्ता के दौरान किसी तरह की तकलीफ नहीं होगी मान लीजिये आपको हाइपोथायरायडिज्म की बीमारी है और आप thyroid की दवा लेते है तो ध्यान रखे सही मात्रा में ले और तुरंत जाँच करवाकर डॉक्टर से मिले |

क्या आवशयकता है की हमे डॉक्टर से जाकर मिलना चाहिए | thyroid in pregnancy

देखिये thyroid हार्मोन शुरू में तीन महीने यानि प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे के मानसिक विकास का कारण बनता है किसी को भी बुद्धू बच्चा नहीं चाहिए इसीलिए जरुरी है की शुरू के 12 हफ्ते में डॉक्टरी सलाह के साथ अपना हार्मोन थोड़ा सा बढ़ा कर रखे जिससे किसी प्रकार से कोई विपत्ति ना पड़े |

गर्भावस्ता के 3 महीने बाद पता चलता है की हमारे thyroid हार्मोन की दशा बहुत खराब है तो हमें क्या करने चाहिए | thyroid in pregnancy

ऐसे स्थिति आपको आपके डॉक्टर से मिलना चाहिए जिससे डॉक्टर आपकी जाँच करके आपको सही मात्रा में दवा लिखेंगे दवा से क्या होगा की आपके thyroid हार्मोन बिलकुल नॉर्मल हो जाएगी और आने वाली कई तकलीफो से बचाएगी कई बार लोग सलाह दे देते है की बच्चे को गिरा दो और दम्पति घबराकर आते है और बच्चा गिराने की सलाह मांगते है तो मेरा ये कहना है की पूरी दुनिया में इसके बारे में किसी प्रकार की सहमति नहीं है ऐसे दम्पतियो में जिनका thyroid खराब आ रहा है तो गर्भावस्ता के दौरान बच्चा को गिराना नहीं चाहिए ऐसी महिला को सही डॉक्टर से दवा लेकर thyroid को नॉर्मल कर लेना चाहिए |

शोध में भी देखा गया है कई बच्चे जिनको आनुवांशिक तोर पर thyroid नाम की ग्रथि बनती और जब वे पैदा होते है तो पैदा होने के दौरान लगभग 9 महीने के दौरान थाइरोइड हार्मोन केवल माँ से ही मिलता है ऐसे बच्चे में भी अगर 6 हफ्ते के अंदर सही मात्रा में थाइरोइड हार्मोन दे देते है तो उनका मानसिक विकास अच्छा होता है

तो अगर आम तोर पर देखे तो यही एक बहुत अच्छा है जो हमें बताता है किसी प्रकार का ऐसा निर्णय जहा गर्भावस्ता को गिराने की बात आती है ऐसा निर्णय नहीं लेना चाहिए इसीलिए हमेसा दम्पतियों से कहता हूँ गर्भावस्ता के दौरान आपको थाइरोइड का हार्मोन बढ़ाने के लिए डॉक्टर के पास आना चाहिए या thyroid हार्मोन बढ़ने की बात पता चलती है तो उसका सही इलाज करवाना चाहिए |

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिलाओ को कई तरह के परिस्थति से गुजरना पड़ता है | thyroid in pregnancy

गर्भवती महिला को मानसिक तनाव, पैरो में खिंचावट होना, कमर में हमेशा दर्द रहना या वजन बढ़ने के कारण पैरो में सूजन आ जाना लेकिन इसके अलावा भी अगर किसी महिला में हार्मोन के बदलाव से कई और बीमारी हो जाती है |

थीरोक्सिन हार्मोन की बढ़ोतरी या कमी के कारण बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास पर असर पड़ता है इससे बच्चा अव्नोर्मल भी हो सकता है इसीलिए जो महिला गर्भधारण करती है उन्हें अपने डॉक्टर से thyroid की जाँच जरूर करानी चाहिए जिससे वक्त रहते इन हार्मोन को नियंत्रित किया जा सके |

हम आपको बताना चाहते है की थाइरोइड गर्थी प्रजनन के अहम् भूमिका निभाती है हार्मोनल इम्बेसेल के कारण थाइरोइड की समस्या हो सकती है |

thyroid और उसका कारण और thyroid का इलाज | thyroid in pregnancy

thyroid तितली के आकार वाली गले की ग्रंथि होती है जो आपके शरीर के पाचन क्रिया को नियंत्रित करती है thyroid उन हार्मोन का उत्पादन करते है जो आपके शरीर में सेल्स एनर्जी किस लेवल पर और कितनी होनी चाहिए इसका ख्याल रखेंगे जब thyroid इन हॉर्मोन को असंतुलित कर देता है तो ये ग्रंथिया ठीक ढंग से काम नहीं कर पाती है जिसका असर आपकी शारिरिक क्रिया पर पड़ता है जिसके परिणाम सवरुप एक हैल्थी गर्भावस्ता के लिए सक्षम नहीं हो पाते है |

कुछ हार्मोन जिन पर thyroid अपना प्रभाव डालता है वो है पेरियड्स यानि की मासिक चक्र में परिवर्तन मीनोपोज़ की शुरुआत या सांस की करने की क्षमता में परिवर्तन हो जाना सबसे ज़्यादा इसका असर महिला की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है खास तोर पर उन महिला में जो प्रेग्नेंट है या प्रेग्नेंट होने की कोशिस कर रहे है |

सबसे पहले बात करते है की यदि प्रेग्नेंट महिलाये thyroid का वक्त रहते इलाज ना कराये तो किन – किन समस्याओ का सामना कर पड़ सकता है thyroid से पीड़ित महिलाये गर्वधारण के बाद या डिलीवरी के बाद कई समस्याओ से झुज सकती है जिसमे गर्भपात या दोबारा प्रेग्नेंट होने में कमी आना शामिल है

थाइरोइड दो तरीके के होते है | thyroid in pregnancy
  1. हाइपरथीरोइड्जेसाम
  2. हाइपोथायरायडिज्म
    ये दोनों ही सूरत में गर्भधारण की क्षमता पर असर करता है |

हाइपोथायरायडिज्म :- ये एक अंडरएक्टिव thyroid है और इससे पीड़ित महिलाओ को प्रजनन में काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है यदि आपको ये समस्या है तो सबसे पहले इसका इलाज कराये उसके बाद ही प्रेग्नेंट होने की सलाह में दूंगा क्योकि इसका इलाज न करवाने पर बच्चे के बॉडी पार्ट्स ढंग से डेवलॅप नहीं हो पाते है साथ ही गर्भपात का खतरा भी बन जाता है |

हाइपरथीरोइड्जेसाम :- ये एक ओवरएक्टिव thyroid होता है इसके चलते भी महिला को प्रजनन संबधी समस्या के साथ – साथ उनकी गर्भावस्ता काफी कठिन और दर्दनाक हो जाती है इसमें गर्भपात के साथ – साथ उचरक्तचाप और संक्रमण का खतरा भी बन जाता है वैसे तो गर्भवती महिलाओ को किसी भी तरह की मेडिसिन का सेवन करने से बचना चाहिए |

क्योकि इससे बच्चे को नुक्सान पहुंच सकता है thyroid की मेडिसिन थोड़ी अलग होती है लेकिन फिर भी डॉक्टर की सलाह लिए बगैर किसी भी तरह का इलाज नहीं करे और ना ही कोई मेडिसिन ले इस बात का ख्याल जरूर रखे की कोनसी मेडिसिन सुरक्षित है |

अब बात करते है हायपरथय्रोक्सिन के लक्षणों के बारे में गर्भवस्था के दौरान वजन बढ़ना एक आम बात है लेकिन कभी कभी ये वजन थाइरोइड की वजह से भी बढ़ सकता है वही अगर गर्भवती महिला का वजन कम होने लगे तो इसके वजह हपोथ्योरीसन हो सकता है यदि गर्भवस्ता के दौरान आपकी वजन अधिक तेजी से बढ़ रहा है या घट रहा है तो thyroid की जाँच जरूर करवाइये और वक्त रहते इसका ट्रीटमेंट जरूर करवाइये |

यदि आपके thyroid ग्लैंसी जरुरत से ज़्यादा काम कर रहे है तो आप thyroid के मरीज हो सकते है thyroid के चलते आपके शरीर में कई तरहं की परेशानी हो जाती है जैसे वजन का अधिक घंटना या बढ़ना, सूजन थकान, सोने में परेशानी, गर्मी सहन न कर पाना एवं मासपेशियो में कमजोरी और खिचाव महसूस होना |

यदि किसी गर्भवती महिला को ये लक्षण दिख रहे तो अपने डॉक्टर से सलाह ले के इनके कारणों का पता जरूर लगाये thyroid की समस्या के चलते माँ और बच्चा डिलीवरी के पहले और डिलीवरी के बाद भी खतरे से बाहर नहीं होते है यहाँ तक की बच्चे के मानसिक विकास पर भी थीरोइज़्ड असर डालता है इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान थाइरोइड हार्मोन हमेसा संतुलित होने जरुरी है |

तो हमने बात की thyroid in pregnancy के बारे वैसे तो thyroid किसी के लिए भी हानिकारक हो सकता है पर खासतौर पर अगर आप प्रेग्नेंट है या प्रेग्नेंट होने का विचार रखते है तो आप को अपने डॉक्टर से संपर्क करके इसकी जाँच अवश्ये करवानी चाहिए क्योकिं इसके चलते आपको और आपके बच्चे को काफी खतरा हो सकता है इसीलिए ध्यान रहे अपने डॉक्टर से वक्त – वक्त पर सलाह जरूर लेते रहे |

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